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किस्से, कहानियां भला किसको नहीं पसंद होती और जब बात बच्चों की हो तो इस बात को कभी नकारा नहीं जा सकता कि कहानियों की जगह आज तक कोई नहीं ले पाया। कितनी ही तकनीक प्रगति क्यों न कर ले जो बात माता पिता, दादी दादा और नानी नाना से कहानी सुनने में है वो मजा कहीं नहीं कितने ही मोबाईल, कंप्यूटर क्यों न आ जाए जब भी बच्चों के कान में किस्से कहानियों के बोल पड़ेंगे वे अपना सारा काम छोड़कर उसे सुनने बैठ जाएंगे। कल्पना और कहानियों की दुनिया बच्चों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होती है क्योंकि यहां बच्चे नयी नयी बातें और नए नए शब्द सीखते हैं।
बच्चे सुबह स्कूल चले जाते हैं और माता पिता ऑफिस इस बीच अभिभावक और बच्चों के बिच कोई संवाद नहीं होता ऐसे में बच्चों को रात में कहानी सुनाने का समय सबसे बेहतर होता है इससे माता पिता और बच्चों के बीच संबंध और गहरे होते हैं। बच्चों को कहानी के कई फायदे होते हैं इससे बच्चों का दिमाग तेज होता है। इससे बच्चे अच्छी आदतें सीखते हैं।
आज हम इस लेख में बताएंगे कि बच्चों को रात में कहानी सुनाने के क्या फायदे हैं?
बच्चों को कहानी सुनाने के फायदे निम्नलिखित हैं:
रचनात्मक सोच और कल्पना का विकास:
बच्चों को मौखिक तौर पर कहानी सुनाने से उनमें रचनात्मक सोच और कल्पना शक्ति तेज होने में मदद मिलती है। कहानी सुनने के दौरान बच्चों के दिमाग में खुद की छवियां बनती हैं। रचनात्मकता एक महत्वपूर्ण कौशल है और कहानियों के माध्यम से बच्चों में इस कौशल का विकास आसानी से होता है।
शब्दकोष में बढ़ोत्तरी:
बच्चों को कहानी सुनाने से उनके शब्द भंडार में बढ़त होती है। कहानियों के माध्यम से बच्चे नए नए शब्द सीखते हैं और उन्हें जोड़कर वाक्य बनाना भी सीख जाते हैं। कहानी सुनने के दौरान बच्चे के सामने कई ऐसे शब्द आते हैं, जिन्हें वह आमतौर पर नहीं सुनते हैं। ऐसे में अगर वे कोई नया शब्द सुनते हैं तो उससे जुड़ा सवाल भी पूछते जिससे उनकी याद करने की क्षमता भी बढ़ती है।
कल्पनाशक्ति में वृद्धि:
कहानी सुनने से बच्चों की कल्पना शक्ति भी बढ़ती है। बच्चे नयी नयी बातों को सोचकर उनसे जुड़े दृश्य अपने दिमाग में ही गढ़ लेते हैं।
संचार कौशल का विकास होता है:
कहानियों के जरिए बच्चों में भाषा का विकास होता है, बच्चों में बातचीत करने की तहजीब आती है क्योंकि बच्चे हमेशा अपने कहानियों वाले सुपर हीरो की तरह बनना चाहते हैं। कहानियों के माध्यम से बच्चे अच्छी तरह पेश आने का सलीका सीखते हैं।
बच्चों में सांस्कृतिक समझ आती है:
कहानियां सुनने से बच्चे अलग अलग देश-दुनिया और परम्पराओं का अनुभव करते हैं। इससे बच्चे अपनी संस्कृति को समझने में भी सक्षम होते हैं। बच्चों को अपने देश की संस्कृति को समझने की जरूरत तो नहीं होती है लेकिन बच्चों को संस्कृति में ढालने का काम किस्से ही करते हैं, किस्सों से ही जुड़ी होती है अपनी मिटटी की खुशबू।
सुनने के कौशल का विकास:
ज्यादातर बच्चे सिर्फ बोलना ही पसंद करते हैं लेकिन किस्सों के माध्यम से वे सुनना भी पसंद करते हैं। बच्चे हमेशा कहानी को ध्यान से सुनना पसंद करते हैं जिसके कारण उनमें ध्यान केंद्रित करने की कला का विकास होता है।
सीखने की प्रक्रिया में तेजी आती है:
जब भी बच्चे कुछ नया सुनते हैं तो उनमें उसके बारे में जानने की लालसा भी बढ़ती है जिसके कारण बच्चे सबकुछ जल्दी सीखना शुरू कर देते हैं।
कहानियों की अपनी ही अलग दुनिया होती है। बच्चों के लिए कहानियां सुनना बहुत जरूरी होता है क्योंकि उन्हें किस्सों के माध्यम से बहुत कुछ सीखने को मिलता है। कुछ अभिभावक इस बात से भी परेशान रहते हैं कि छोटे बच्चे भी इंटरनेट का शिकार हो रहे हैं लेकिन कहानियों के माध्यम से उन्हें इंटरनेट और मोबाइल की दुनिया से बाहर लाया जा सकता है। कई बार अभिभावक अपने ही बचपन से जुड़े कुछ रोचक किस्से बच्चों को सुनाते हैं यह बहुत अच्छी बात है क्योंकि इससे आपके बच्चे आप के बारे में बहुत कुछ जान सकते हैं और उन्हें आपसे प्रेरणा मिलती है।
Source: www.myupchar.com
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