प्रीतिलत्ता वादेदार
ये कहानी है एक ऐसी वीरांगना की जो अपने देश के स्वाभिमान की रक्षा के लिए मात्र 21 साल की उम्र में शहीद हो गयीं. मगर इस शहादत ने अंग्रेजों को लोहे के चने चबवा दिए.
ये कहानी है एक ऐसी वीरांगना की जो अपने देश के स्वाभिमान की रक्षा के लिए मात्र 21 साल की उम्र में शहीद हो गयीं. मगर इस शहादत ने अंग्रेजों को लोहे के चने चबवा दिए.
तिरंगा झंडा, जिसे देख कर हर भारतीय गर्व और देशप्रेम से भर उठता है. ये कहानी है तिरंगे की अवधारणा को जन्म देने वाले महान स्वतंत्रता सेनानी पिंगली वेंकैया की, जिन्हें ‘झंडा-वेंकैया’ के नाम से भी जाना जाता है.
मदनलाल ढींगरा वो पहले क्रांतिकारी थे जिन्होंने ब्रिटेन जा कर अंग्रेज़ी हुकूमत से उनके अत्याचार का बदला लिया और देश की आज़ादी के लिए क्रांतिकारियों के प्रेरणास्त्रोत बन गये.
एक अंग्रेज अफसर की हत्या के प्रयास के लिए क्रांतिकारी खुदीराम बोस को मात्र 18 साल की उम्र में फाँसी दे दी गयी. इस फाँसी ने एक ओर बोस की बहादुरी का मिसाल कायम कर दिया वहीं दूसरी ओर, अंग्रेजी न्याय व्यवस्था को मजाक बना डाला.
एक ऐसे क्रांतिकारी जिन्हें शहीद-ए-आज़म भगत सिंह अपना गुरु मानते थे और जिनकी तस्वीर हमेशा अपने पास रखते थे. ये कहानी है महान क्रन्तिकारी करतार सिंह सराभा की.
स्वाधीनता संग्राम की एक ऐसी घटना जिसने अंग्रेजी सरकार की ताकत को चुनौती दी. इतिहास के पन्नों में ये घटना काकोरी कांड के नाम से दर्ज़ है.
एक ऐसा शांतिपूर्ण आन्दोलन जिसका आज़ादी की लड़ाई में मिसाल मिलना मुश्किल है. सत्याग्रह पर आधारित इस आन्दोलन ने अंग्रेजी सरकार को बहुत बड़ी चुनौती दी.
कहानी है एक ऐसे क्रांतिकारी की जिन्हें कुछ लोग भगवान मानते हैं तो कुछ क्रांति का अग्रदूत. ये कहानी है अंग्रेज़ी शासन के अत्याचार के खिलाफ आन्दोलन छेड़ने वाले बिरसा मुंडा की.
1928 में जब चंद्रशेखर आजाद की अगुआई में हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन आर्मी का गठन हुआ, तो बटुकेश्वर दत्त भी उसके अहम सदस्य थे और कई क्रांतिकारी गतिविधियों में वो सीधे तौर पर शामिल हुए थे