“शक्ति शारीरिक क्षमता से नहीं आती है। यह एक अदम्य इच्छा शक्ति से आती है।” – महात्मा गाँधी वाकई में दोस्तों। आपने महात्मा गाँधी के इस सुविचार को सच कर दिखाया है। इन आत्मीय क्षणों में हमें भागीदार बनाने के लिए धन्यवाद ‘Antarmanh: फाउंडेशन।’ डॉ. Seema Rekha व टीम – हम आपके प्रति हृदय से आभारी हैं। रही बात ऊर्जा, उत्साह और आत्मविश्वास लिए इन दमकते चेहरों की तो आपने अपनी मासूमियत से हमें भाव-विभोर कर दिया है। शब्दों के ज़रिये इसकी व्याख्या कठिन है।
Mobile school is an initiative by Mr Sandeep Rajput, who with all the despair around wants to create hope. An initiative which he started with few students has today, grown into 4 such schools. He provided the opportunity to such under privildged kids who could not attend any formal schooling
कहानियाँ व्यक्ति के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। विशेष रूप से बच्चों के मन पर कहानियों का सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। क्योंकि यह बालमन का वह चरण होता है जब उनकी मनोवृति आकार ले रही होती है। ऐसे में बच्चे जो देखते हैं, जो सुनते हैं – वैसे सोचना शुरू कर देते हैं। उनकी यही आरंभिक सोच आगे चल कर उनकी मूल प्रवृति बन जाती है, जो जीवन के अधिकतर और अधिकांश समय तक उनके साथ रहती है। इसलिए यह आवश्यक है कि बालमन को आकार लेने के समय से ही एक ऐसा सकारात्मक वातावरण दिया जाए जहाँ […]
मेले की सैर करते हुए गणित की सीख; एक बार एक स्कूल की चौथी कक्षा के 36 बच्चे मेले की सैर करने गए। मेले की इस यात्रा के द्वारा गणित को समझते हैं।
अगर तुम्हें लगता है कि तुम्हारे दोस्त का घर, जो शहर के दूसरे छोर पर है, दूर है, तो ज़ाहिर है कि तुमने अभी यह किताब नहीं पढ़ी है। जादुई गणित की सीढ़ी चढ़ो और जहाँ तुम हो, वहाँ से, हिमालय की सबसे ऊँची चोटी पर, कश्मीर, चाँद, सूरज पर, और यहाँ तक कि ब्रह्मांड के आखिरी छोर तक पहुँच जाओ! तैयार हो न? तो बस, चल देते हैं!
आठ बच्चे धूप में खेल रहे हैं। क्या थोड़ा ठंडा नींबू पानी पीना अच्छा नहीं रहेगा? वे राजू चाचा की विधि का प्रयोग करते हुए एक जग शिकन्जी बनाने का निर्णय लेते हैं। लेकिन वे सामग्री को कैसे नापेंगे? और वे किस प्रकार शिकन्जी को बराबर-बराबर आपस में बाँटेंगे?